उल्लास - प्रत्येक गुरुवार

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उल्लास में हुआ बाल फ़िल्म दिलेर बच्चे का प्रदर्शन (14/02/2019)

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित बाल फ़िल्मों के प्रदर्शन की साप्ताहिक श्रृंखला 'उल्लास' में आज वादीराज द्वारा निर्देशित बाल फ़िल्म 'दिलेर बच्चे' का प्रदर्शन संग्रहालय सभागार में हुआ|

इस फ़िल्म के केंद्र में अनाथालय के कुछ बच्चे हैं, जो अनाथालय चलाने वालों के व्यव्हार से काफी परेशान हैं| बच्चे यह निश्चय करते हैं कि वह इस बारे में अनाथालय के संरक्षक को जानकारी देंगे, परन्तु समस्या यह है कि संरक्षक महोदय से मिला कैसे जाये| अतः बच्चे अनाथालय से भागने की योजना बनाते हैं और एक दिन मौका देख भाग जाते हैं| बच्चे अपनी तार्किक बुद्धिमत्ता के सहारे अपहरणकर्ताओं और जंगली जानवरों से बचते हुए अनाथालय के संरक्षक के पास पहुँचते हैं| बच्चे अनाथालय की समस्याओं से उन्हें रूबरू कराते हैं| अंततः बच्चों की समस्या का समाधान होता है और इसी के साथ फ़िल्म का अंत होता है| इस फ़िल्म की अवधि लगभग 85 मिनट है| फ़िल्म में मुख्य भूमिका में बेबी अनुराधा, श्रीकांत, शशी कुमार, सुनील, हरेश, देव प्रसाद और वासुदेव राव आदि ने अभिनय किया है|

फ़िल्म के निर्देशक वादीराज ने दर्शकों को इस फ़िल्म के माध्यम से बालमन के काल्पनिक बिम्बों और तार्किक बुद्धिमत्ता से परिचित तो कराया ही साथ ही साथ जीवन में आत्मविश्वास से परिपूर्ण होने और सकारात्मक सोच रखने की भी प्रेरणा दी| वादीराज भारतीय फ़िल्मी जगत के जाने माने निर्देशक हैं| वादीराज ने इस फ़िल्म का निर्माण सन् 2000 में चिल्ड्रेन फ़िल्म सोसाइटी के सहयोग से किया|


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