उत्तराधिकार - प्रत्येक रविवार

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उत्तराधिकार में हुई पखावज वृन्द की प्रस्तुति (20/01/2019)

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में परम्परा, प्रदर्शनकारी कला एवं नवांकुरों के लिए स्थापित श्रृंखला 'उत्तराधिकार' में आज 'पखावज वृन्द' की प्रस्तुति संग्रहालय सभागार में हुई|

पंडित अखिलेश गुंदेचा ने अपने चार शिष्यों ज्ञानेश्वर देशमुख, रमेश चंद्र जोशी, दीपक तिवारी और श्री रोमन दास के साथ पखावज वृंद की प्रस्तुति दी| पखावज वृंद पंडित अखिलेश गुंदेचा द्वारा संकल्पित एक ऐसा वृंद है, जिसको सुनने से नाद ब्रह्म की उपासना की जा सकती है। पंडित अखिलेश गुंदेचा ने इस वृंद के शुरुआत में उनके गुरु राजा छत्रपति सिंह जूदेव के द्वारा रचित ज्योतिर्लिंग परन से शुरुआत की। इस ज्योतिर्लिंग परन के अंतर्गत पखावज के बोल एवं 12 ज्योतिर्लिंग को प्रणाम किया जाता है। इसके बाद पंडित अखिलेश गुंदेचा और उनके शिष्यों ने पखावज पर चौताल प्रस्तुत किया। चौताल के अंतर्गत उठान, रेला, परन, सादा चक्कर दार परन, फरमाइशी चक्रधार परन, कमाली चक्रधार परन और दहेज परन इत्यादि प्रस्तुत कर अपनी प्रस्तुति को विराम दिया| प्रस्तुति के दौरान अखिलेश गुंदेचा का साथ संगतकारों में पखावज पर ज्ञानेश्वर देशमुख, रमेश चंद्र जोशी, रोमन दास और श्री दीपक तिवारी ने, हारमोनियम पर अतुल सिंह गहरवार ने और तानपुरे पर सजन शंकरण और श्री लकी गुसाईं ने दिया|

प्रस्तुति के दौरान कई बार श्रोताओं और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साह वर्धन करतल ध्वनि से किया|

पंडित अखिलेश गुंदेचा को संगीत की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली। अखिलेश ने इंद्रा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से कंठ संगीत में स्नातकोत्तर की उपाधि एवं विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से बीकॉम तथा एल.एल.बी की उपाधि प्राप्त की। अखिलेश गुंदेचा ने पखावज की शिक्षा बनारस के पंडित श्रीकांत मिश्र से और इसके उपरांत मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग की छात्रवृति पर बिजना के महाराजा छत्रपति सिह जूदेव से गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्राप्त की| अखिलेश गुंदेचा ने तानसेन समारोह ग्वालियर ,कालिदास समारोह उज्जैन, स्वामी हरिदास संगीत सम्मेलन मुंबई, सवाई गंधर्व, सप्तक म्यूजिक फेस्टिवल तथा देश के अनेक प्रतिष्ठित संगीत समारोह में पखवाज एकल वादन, पखावज वृंद वादन, तथा तालवाद्य कचहरी के कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं| इन्होंने पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, पंडित जसराज, पंडित विश्व मोहन भट्ट, पंडित रोनू मजूमदार सहित देश के दिग्गज कलाकारों के साथ पखावज पर संगत की है। श्री अखिलेश ने डागर घराने के लगभग समस्त ध्रुपद गायकों एवं वीणा वादकों के साथ भी संगत की है। अमेरिका कनाडा जापान ऑस्ट्रेलिया यूएई सहित 40 देशों की यात्रा कर चुके अखिलेश गुंदेचा ने पखावज के उत्थान के लिए अनेक विद्यार्थियों को शिक्षा भी दी है। इन दिनों आप ध्रुपद संस्थान भोपाल में गुरुकुल पद्धति से पखावज की शिक्षा दे रहे हैं।


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