उत्तराधिकार - प्रत्येक रविवार

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उत्तराधिकार में हुईं ध्रुपद गायन एवं कथक नृत्य की प्रस्तुतियाँ (11/11/2018)

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में परम्परा, प्रदर्शनकारी कला एवं नवांकुरों के लिए स्थापित श्रृंखला 'उत्तराधिकार' में आज 'ध्रुपद गायन' एवं 'कथक नृत्य' की प्रस्तुतियाँ संग्रहालय सभागार में हुईं|

कार्यक्रम की शुरुआत प्रशांत मलिक और निशांत मलिक ने अपने साथी कलाकार के साथ राग भूप कल्याण में परंपरागत ध्रुपद अलाप-जोड़ झाला प्रस्तुत कर की| इसके बाद कलाकारों ने राग भूप में 'झूठी बात सच्ची कर दिखावत हो हरि नागर' प्रस्तुत किया| इसके पश्चात कलाकरों ने राग किरवानी में 'शंकर शिव भोले' प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव से भर दिया| इस प्रस्तुति में प्रशांत मलिक और निशांत मलिक का साथ गायन में शिवम् कुशवाहा और विनीत श्रीवास्तव ने और पखावज पर पंडित अखिलेश गुंदेचा ने दिया|

गायन के पश्चात् उमा डोंगरा ने अपने साथी कलाकारों के साथ 'कथक नृत्य' की शुरुआत मराठी में 'संत तूनाराम रंगीत अभंगा सूंदर ते धयान' पर कथक नृत्य प्रस्तुत कर की| इस प्रस्तुति में विट्ठल या पाण्डुरंग(यह एक हिन्दू देवता हैं, जिनकी पूजा भारत के दक्षिण में कई जगहों पर की जाती है) की प्रशंसा की गयी है और कलाकारों ने उनके स्वरुप को नृत्य के सहारे मंच पर बिम्बित करने का प्रयास किया| इसके पश्चात कलाकारों ने अपने नृत्य कौशल से ताल धामर में 'शुद्ध नृत्य' प्रस्तुत किया| इसके बाद कलाकारों ने राग मेघ तीनताल में 'तराना' पर कथक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मन्त्रमुग्ध कर दिया| तराना के बाद उमा डोंगरा ने अपने नृत्याभिनय कौशल से ठुमरी 'डगर बीच कैसे चलूँ' पर एकल प्रस्तुति प्रस्तुत की| उमा डोंगरा ने अपने साथी कलाकरों के साथ चतुरंग तराना, सरगमन, और कविता के बोलों के सहारे वर्षा ऋतू केंद्रित प्रस्तुति प्रस्तुत कर अपनी प्रस्तुति को विराम दिया| इस प्रस्तुति में उमा डोंगरा का साथ मंच पर सरिता कलेले, रचना पारुलकर, सुहानी सिंह और दीक्षा रावत ने दिया| प्रस्तुतियों के दौरान कई बार श्रोताओं और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करतल ध्वनि से किया| प्रशांत मलिक लम्बे समय से गायन के क्षेत्र में सक्रीय हैं| इन्होंने गायन की कई प्रस्तुतियाँ देश के विभिन्न कला मंचों पर दी हैं| उमा डोंगरा को कई प्रतिष्ठित सम्मानों और पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है| इन्होंने ने देश के विभिन्न कला मंचों पर कथक नृत्य की कई मोहक प्रस्तुतियाँ दी हैं|


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