तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय रामायण महोत्सव

तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय रामायण महोत्सव

श्रीलंका के अरुश्री आर्ट थियेटर द्वारा ‘‘रामायण‘‘ की प्रस्तुति (18/09/2017)

श्रीलंका की रामायण प्रस्तुति में दिखी क्लैसिकी और भव्यता

जनजातीय संग्रहालय में आज श्रीलंका के सांस्कृतिक ग्रुप द्वारा प्रस्तुत रामायण ने मंत्र मुग्ध किए रखा। भारतीय परम्परा में रामचरित मानस और रामकथा को जो गहन आस्था और श्रद्धा का सरोकार सदैव से रहा है उसके चलते हमारी जिज्ञासाओं में रामकथा के विविधव्यापी प्रस्तुतिकरणों को लेकर जिज्ञासाएँ और दिलचस्पी बनी रहती है।

यह सुखद है कि न केवल भारत बल्कि विश्व के अनेक देशों में रामायण, रामलीला, रामकथा की प्रस्तुतियों को लेकर कलात्मक उत्कृष्टता और भव्यता के साथ विचार किया गया है। लाओस इण्डोनेशिया श्रीलंका आदि में यह बहुत प्रचलन में है। भोपाल में संस्कृति विभाग एवं भारतीय सांस्कृतिक सम्बन्ध परिषद के साझा उपक्रमों के अन्तर्गत रामायण की प्रस्तुति आज शाम आयोजित की गयी। लगभग नब्बे मिनट की अवधि में रामकथा को सधे और कसे हुए दृश्य बन्धों के साथ गीत-संगीत एवं संवादप्रधान प्रस्तुति में दर्शकों को बहुत आनंद आया।

श्रीलंका की अरुश्री आर्ट संस्था इस प्रस्तुति को लेकर देश-विदेश में गयी है एवं इनको शैली, सौन्दर्यबोध, करुणा और क्लैसिकी की परख के कारण समृद्ध प्रभावों के साथ इसके प्रस्तुतिकरण का बड़ा और लम्बा अनुभव है। आज की प्रस्तुति में नाट्य प्रभाव, संगीत एवं ध्वनि प्रभावों एवं नृत्य के प्रयोगों के साथ इसको मनोहारी और रोचक बनाकर प्रस्तुत किया गया। विशेष रूप से कलाकारों के हावभाव और अभिनय में मंचीय स्तर पर सधा हुआ परिचय सराहनीय रहा। इस प्रस्तुति ने इस तरह भी आकर्षित किया कि श्रीलंका में रामायण प्रस्तुतिकरण का विषय आस्थाओं से भी जुड़ा है।

डा अरुंथति श्रीरंगनाथन द्वारा स्थापित अरुश्री संस्था ने इस प्रस्तुति के साथ सभी जगह व्यापक सराहना पायी है। यह प्रभाव भोपाल के भी मंच पर अनुभव किया गया। आज की प्रस्तुति में कलाकारों की वेशभूषा, श्रृंगार, रूप सज्जा दृश्य प्रभावों में यह प्रस्तुत गहरे प्रभाव छोडने वाली साबित हुई। दर्शकों ने इस प्रस्तुति के देखते हुए अपने आपको जुड़ा हुआ प्रस्तत किया।


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