दस्तक

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गीतकार इरशाद कामिल ने की बच्चों से बातचीत

बच्चों को कला, साहित्य औऱ अपने आसपास की चीज़ों के बारे में जानकारी, उनके सपनों को लेकर उनकी सोच क्या है, इन्हीं सभी प्रश्नों के उत्तर के प्रयास रूप में एकलव्य, इकतारा संस्था के सहयोग से जनजातीय संग्रहालय में "दस्तक" चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ| जो बच्चों की किताबों में उनकी समझ की तस्वीरों के अलग-अलग रंग को देखने, जाने-माने चित्रकारों, कला समीक्षकों से मिलने एवं उनसे बातचीत करने का एक जरिया भी बनी|

आयोजन में 10 मार्च को रियाज़ अकेडमी फॉर लेस्ट्रेटर्स के युवा चित्रकारों द्वारा बनाये गए चित्रों की प्रदर्शनी का शुभारम्भ भोपाल के जानेमाने कवि राजेश जोशी ने किया| उनके साथ शहर की चित्रकार शोभा घाटे, एकलव्य के संचालक राजेश खिन्द्री, अतनु रॉय, मासिक बालविज्ञान पत्रिका चकमक के डिज़ाइनर दिलीप चिंचालकर, तपोशी घोशाल, इकतारा के निदेशक सुशील शुक्ला के साथ-साथ शहर के कई वरिष्ठ लेखक व चित्रकार भी मौजूद थे| प्रदर्शनी के उद्घाटन पश्चात् यहाँ पहुंचे लेखक, चित्रकार एवं कला समीक्षकों ने उपस्थित दर्शकों से अपने अनुभव, अपनी जीवन यात्रा को उनके साथ साझा किया|

शाम को “मुलाकात” कार्यक्रम के माध्यम से जाने माने गीतकार इरशाद कामिल ने भी जनजातीय संग्रहालय बच्चों द्वारा बनाये सपनो में रंग भरे और उनसे अपने बातचीत भी की| उनके लिखे गीतों पर बच्चों ने सवाल किये और इरशाद कामिल ने हर प्रश्न का उत्तर सहजता से दिया| एक फ़िल्मी गीतकार और कवि के बीच के महीन अंतर को उन्होंने सभागार में उपस्थित श्रोताओं के सामने साझा किया|


संग्रहालय में दीर्घाएँ

सांस्कृतिक वैविध्य

मध्यप्रदेश की विशिष्टता को स्थापित करने तथा उसकी बहुरंगी, बहुआयामी संस्कृति को बेहतर रूप से समझने और दर्शाने का कार्य दीर्घा क्रमांक-एक...

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जीवन शैली

दीर्घा-एक से दो में प्रवेश करने के लिए जिस गलियारे से गुजर कर जाना होता है, वहाँ एक विशालकाय अनाज रखने की कोठी बनाई गई है।...

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कलाबोध

कलाबोध दीर्घा में हमने जीवन चक्र से जुड़े संस्कारों तथा ऋतु चक्र से जुड़े गीत-पर्वों-मिथकों, अनुष्ठानों को समेटने का उद्देश्य रखा है।...

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देवलोक

संकेतों, प्रतीकों की जिस आशुलिपि में इस आदिवासी समुदाय ने अपने देवलोक के वितान को लिखा है, उसकी व्यापकता दिक्-काल की अनंत-असीम की ...

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अतिथि राज्य छत्तीसगढ़

अतिथि राज्य की आदिवासी संस्कृति को दर्शाती दीर्घा में सबसे पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के जीवन को प्रस्तुत किया जा रहा है।...

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प्रदर्शनी दीर्घा

दीर्घा में नीचे मध्य में बने मानचित्र पर मध्यप्रदेश में रहने वाली सभी प्रमुख जनजातियों की भौगोलिक उपस्थिति को सांकेतिक रूप से उनके महत्त्वपूर्ण ...

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