सिने आस्वाद - द्वितीय एवं तृतीय शनिवार

सिने आस्वाद - प्रतिमाह द्वितीय एवं तृतीय शनिवार

फिल्म ‘‘बसन्त बहार’’ का प्रदर्शन हुआ - 18 मार्च, 2017

जनजातीय संग्रहालय में संस्कृति विभाग द्वारा प्रत्येक माह के दूसरे और तीसरे शनिवार को सिने अस्वाद अंतर्गत भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है। शनिवार 18 मार्च को इस श्रृंखला के तहत वर्ष 1956 में राजा नवाथे द्वारा निर्देशित फिल्म ‘‘बसन्त बहार’’ का प्रदर्शन किया गया। पटकथा, गीत, संगीत, अभिनय जैसे प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त इस फिल्म में संगीत साधना को कलात्मक और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में भारत भूषण, निम्मी, और ओमप्रकाश मुख्य भूमिका है। गीतकार शैलेन्द्र और हसरत जयपुरी के श्रेष्ठ गीतों को संगीतकार शंकर जयकिशन ने सुरों में पिरोया है।

कथासार -

विख्यात ज्योतिष नर्सिन (ओमप्रकाश) अपने एकमात्र पुत्र गोपाल (भारत भूषण ) से भी ज्योतिषशास्त्र के प्रति उन्मुख होने की अपेक्षा रखता है लेकिन गोपाल संगीत के प्रति एकनिष्ठ समर्पित है। संगीत की विलक्षण प्रतिभा से सम्पन्न गोपाल सम्राट (चन्द्रशेखर) का प्रमुख रत्न बनने का सामर्थ्य रखता है । उसकी इस योग्यता पर ईर्ष्या रखने वाले अन्य प्रतिद्वंदी गोपाल को षड़यंत्रपूर्वक विष पिलाने में सफल होते हैं जिससे उसका स्वर (आवाज) बाधित हो जाता है। इस पर गोपाल की माँ (लीला चिटनीस ) को बहुत दुःख होता है। गोपाल के प्रति आसक्त नृत्यांगना गोपी (निम्मी) अपने प्रयासों से उसे स्वस्थ कर उसके मिशन को मूर्तरूप प्रदान करती है।

संग्रहालय में दीर्घाएँ

सांस्कृतिक वैविध्य

मध्यप्रदेश की विशिष्टता को स्थापित करने तथा उसकी बहुरंगी, बहुआयामी संस्कृति को बेहतर रूप से समझने और दर्शाने का कार्य दीर्घा क्रमांक-एक...

आगे पढें

जीवन शैली

दीर्घा-एक से दो में प्रवेश करने के लिए जिस गलियारे से गुजर कर जाना होता है, वहाँ एक विशालकाय अनाज रखने की कोठी बनाई गई है।...

आगे पढें

कलाबोध

कलाबोध दीर्घा में हमने जीवन चक्र से जुड़े संस्कारों तथा ऋतु चक्र से जुड़े गीत-पर्वों-मिथकों, अनुष्ठानों को समेटने का उद्देश्य रखा है।...

आगे पढें

देवलोक

संकेतों, प्रतीकों की जिस आशुलिपि में इस आदिवासी समुदाय ने अपने देवलोक के वितान को लिखा है, उसकी व्यापकता दिक्-काल की अनंत-असीम की ...

आगे पढें

अतिथि राज्य छत्तीसगढ़

अतिथि राज्य की आदिवासी संस्कृति को दर्शाती दीर्घा में सबसे पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के जीवन को प्रस्तुत किया जा रहा है।...

आगे पढें

प्रदर्शनी दीर्घा

दीर्घा में नीचे मध्य में बने मानचित्र पर मध्यप्रदेश में रहने वाली सभी प्रमुख जनजातियों की भौगोलिक उपस्थिति को सांकेतिक रूप से उनके महत्त्वपूर्ण ...

आगे पढें