सिने आस्वाद - द्वितीय एवं तृतीय शनिवार

सिने आस्वाद - प्रतिमाह द्वितीय एवं तृतीय शनिवार

सिने आस्वाद में 'सत्यकाम' का प्रदर्शन किया गया

जनजातीय संग्रहालय में आज सिने आस्वाद श्रृंखला के अन्‍तर्गत प्रख्यात फिल्मकार हृषिकेश मुखर्जी की फ़िल्म 'सत्यकाम-1969' का प्रदर्शन किया गया।

इस फ़िल्म में धर्मेन्द्र, संजीव कुमार, शर्मिला टैगोर, असरानी आदि की अहम भूमिकाएँ हैं।

सत्यकाम एक ईमानदार इंजीनियर की कहानी है जो अपने स्वभाव और आदर्श की वजह से सबकी आंखों की किरकिरी है। परतंत्र भारत में आज़ादी के बाद भ्रष्टाचार मुक्त होने की कामना करने वाले युवा के स्वप्नों पर कुठाराघात की बात फ़िल्म में है।

ईमानदारी नायक का संस्कार और हठ है यही उसकी विफलता। फ़िल्म का अंत त्रासद है जब आदर्शवादी नायक को दर्शक कैंसर से मरते देखते हैं। यहीं यह फ़िल्म विचलित कर जाती है।

लेकिन अपने उद्देश्यों, मेसेज और प्रभाव में यह एक सार्थक फ़िल्म है। बड़ी संख्या में सिनेप्रेमी इस फ़िल्म को देखने आये थे।


संग्रहालय में दीर्घाएँ

सांस्कृतिक वैविध्य

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कलाबोध

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अतिथि राज्य की आदिवासी संस्कृति को दर्शाती दीर्घा में सबसे पहले छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों के जीवन को प्रस्तुत किया जा रहा है।...

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