अभिनयन - प्रत्येक शुक्रवार

अभिनयन - प्रत्येक शुक्रवार

अभिनयन‘ श्रृंखला अन्तर्गत नाटक “ फुटपाथ के सम्राट” का मंचन

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में मध्यप्रदेश लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्धारा नवीन रंगप्रयोगों के प्रदर्शन की साप्ताहिक श्रृंखला ‘अभिनयन’ के अन्तर्गत शुक्रवार, 26 मई, 2017 को स्कन्द मिश्रा निर्देशित नाटक ‘फुटपाथ के सम्राट’ का मंचन अर्थ कल्चरल एण्ड थियेटर सोसायटी, भोपाल के कलाकारों द्वारा किया गया। मूलतः विजय तेन्दुलकर द्वारा रचित इस नाटक को परिस्थिति अनुसार स्कन्द मिश्रा ने फुटपाथ पर जीवन यापन कर रहे एक बड़े वर्ग के संघर्षमय जीवन के साथ ही उनमें निहित पूंजीपतियों के जीवनस्तर को प्राप्त करने की उत्कण्ठा को दर्शाया है। जिसमें अनैतिक हथकण्डों से प्राप्त इस सफलता को निष्कृष्ट महसूस कर फुटपाथ की जीवनशैली को श्रेष्ठ मानते हुए उसकी ओर प्रेरित होता है।

कथासार - नाटक की शुरुआत फुटपाथ पर जीवन यापन कर रहे विविध किरदारों से होती है जिसमें शायद शाहिर, तुकाराम का जीवन चित्रण शामिल हैं। जिसमें राजा की एक योजना के तहत चाँद पर जाने के लिये तैयार तुकाराम और शाहिर चन्द्रयान के दुर्घटना की आशंका में इच्छानुसार ऐश्वर्य प्राप्त करने का वचन लेने में सफल होते हैं। अंततःं इस प्रलोभन के भंवरजाल की अपेक्षा फुटपाथ की जीवनशैली को श्रेष्ठ मानते हुए अपना चन्द्रयान अभियान स्थगित कर वापस लौट आते हैं।

मंच पर - मयंक सिंह ठाकुर, रचित सक्सेना, नीरज, अपूर्वदत्त मिश्रा, संदीप साबले, प्रिया उदेनिया, रूपेश तिवारी, लोकेन्द्र प्रताप सिंह, रोहित वेष्णव और रजनीश परमार।

मंच परे - दिनेश नायर, अखिलेश वर्मा, तानाजी राव, प्रभात राज निगम, जावेद, राजेन्द्र, मानस भारद्वाज और धर्मेश श्रृति।

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