अभिनयन - प्रत्येक शुक्रवार

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अभिनयन‘ श्रृंखला अन्तर्गत नाटक “गुड़िया घर” का मंचन

मध्यप्रदेश लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा नवीन रंगप्रयोगों के प्रदर्शन की साप्ताहिक श्रृंखला ‘अभिनयन’ के अन्तर्गत शुक्रवार, 23 जून, 2017 को सुश्री प्रिया भदौरिया निर्देशित नाटक ‘‘गुड़िया घर” का मंचन रंग सागर संस्था, भोपाल के कलाकारों द्वारा किया गया। सुश्री प्रिया भदौरिया द्वारा निर्देशित किया गया बच्चों के जीवन पर आधारित यह नाटक उनकी ख्वाहिशों, सपनों और इच्छाओं को बंया करेगा, क्योकि हर उम्र की अपनी इच्छाएँ होती हैं और बच्चा उसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहता है।

कथासार - नाटक का कथा सार कुछ इस प्रकार है। हैनरीक ऐप्सन के लिखे इस नाटक में, नोरा एक बार चुपके से एक बड़ी राशि उधार लेती है। जिससे उसके पति एक गंभीर बीमारी से उबर सके। घरेलू खर्चों में कटौती करके वो उधार ली गई राशि चुकाती है। उसके पति टोवर्ड सोचते है कि नोरा किसी बच्ची की तरह बेफ्रिक है और उसे कई बार गुड़िया कहकर बुलाते हैं। जब टोवर्ड बैंक मैनेजर बन जाते हैं। तो सबसे पहले निल्स को बरखास्त करते हैं। निल्स पर एक बार टोवर्ड के जाली हस्ताक्षर करने का इल्जाम लग चुका है। यह वही व्यक्ति है जिससे नोरा ने अपने पति के जाली हस्ताक्षर करके राशि उधार ली थी। निल्स अब नौरा को धमकाता है कि अगर नोरा ने अपने पति से कहकर निलस की बरखास्तगी नहीं रूकवाई, तो वह नोरा को बदनाम कर देगा। नोरा कोशिश करती है, लेकिन टोवर्ड को अब भी लगता है कि नोरा एक बच्ची है तो बिजनेस और पैसे की अहमियत नहीं समझती है। आखिरकार टोवर्ड को पता चल जाता है कि नोरा ने अपने पति के हस्ताक्षर जाली किए हैं।

तब वह नोरा से कहता है हम सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए एक साथ रहेंगे पर तुम मेरे बच्चों की परवरिश नहीं करोगी। यह जनने के बाद भी की नौरा ने ये सब सिर्फ टोवर्ड के लिए किया था। बाद में जब सब बातें सुलझ जाती हैं। तब नौरा को यह एहसास होता है कि टोवर्ड उसके प्यार के काबिल नहीं और वो उसे छोडकर कही ओर चली जाती है।

मंच पर - मेघा अठोतरा, संदीप, राजेश पटेल, रोहित विश्वास अन्य कलाकार

संगीत - योगी और मयंक

अभिनयन‘ श्रृंखला अन्तर्गत जून माह 2017 में होने वाली प्रस्तुतियाँ

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